फरीदाबाद: कॉलेज से लौट रही छात्रा की कनपटी पर गोली मार कर हत्या

Faridabad

hindustan1st news, फरीदाबाद : सोमवार को बदमाशों ने कॉलेज से लौट रही छात्रा की गोली मार कर हत्या दी। मृतक बी-कॉम फाइनल ईयर की छात्रा थी। 4 बजे अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ से पेपर देकर घर लौट रही थी। तभी I-10 कार से आए बदमाशों ने छात्रा को अगवा करने की कोशिश की। विरोध करने पर बदमाशों ने कनपटी पर गोली मार दी। घटना के बाद पुलिस छात्रा को निजी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रा की हत्या के बाद लोगों ने सोहना-बल्लभगढ़ रोड़ पर चक्का जाम किया।

छात्रा निकिता तोमर का परिवार मूलरूप से उत्तर प्रदेश के हापुड़ से ताल्लुक रखता है और यहां फरीदाबाद के सेक्टर-23 स्थित एक सोसायटी में रहता है। पिता मूलचंद तोमर ने बताया कि तौशीफ नामक एक मुस्लिम परिवार का लड़का 12वीं तक निकिता के साथ ही पढ़ता था। उसने कई बार दोस्ती के लिए दबाव भी बनाया था और वह उसका धर्मांतरण भी करना चाहता था। दोस्ती और जबरन निकाह से इनकार किए जाने के कारण तौशीफ ने वर्ष 2018 में एक बार निकिता का अपहरण भी कर लिया था। हालांकि, तब बदनामी के डर से परिजनों ने किसी तरह समझौता कर लिया था।

पिता के मुताबिक सोमवार शाम को पौने 4 बजे जब पेपर देकर सेंटर के बाहर मां और भाई छात्रा का इंतजार कर रही थी। अचानक एक कार आकर रुकी। इसमें अपने दोस्तों के साथ अपहरण के इरादे से आए तौशीफ ने निकिता को अपनी गाड़ी में खींचने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही उसकी नजर निकिता के भाई पर पड़ी, उसने निकिता को गोली चला दी। इस बारे में साथ खड़ी एक सहेली ने फोन करके सूचना दी और जल्दी पहुंचने को कहा।

वारदात के बाद निकिता को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। एसीपी सिटी जयवीर राठी और क्राइम ब्रांच ने घटनास्थल का दौरा किया। आसपास की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। बल्लभगढ़ के डीसीपी के मुताबिक, आरोपी तौशीफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

लेफ्टिनेंट बनकर देश की सेवा करना था निकिता का सपना
निकिता पढ़ने में काफी अच्छी थी। 12वीं में भी 95% अंक आए थे और बी-कॉम में भी दोनों साल टॉपर रही थी। इस बार फिर टॉप करने के लिए मेहनत कर रही थी। वह लेफ्टिनेंट बनकर देश की सेवा करना चाहती थी। उसने हाल ही में एयरफोर्स की परीक्षा भी दी थी। साथ ही एनडीए के लिए भी लगातार तैयारी कर रही थी।

निकिता के भाई नवीन ने बताया कि वह बहन को रोज कॉलेज छोड़ने जाते थे। इससे पहले जब तौशीफ ने अपहरण किया था तो उसके परिवार वालों ने पांव पकड़ के माफ़ी मांगी थी, इसीलिए मामला पुलिस के पास नहीं गया। अब इस मामले में हमें तुरंत कार्रवाई चाहिए। अगर प्रशासन नाकाम है तो फिर हम खुद अपने हिसाब से निपटेंगे।