अबतक 215 किसानों की हुई मौत, सरकार नहीं मान रही मांग : प्रियंका गांधी

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से ही पार्टियों की तैयारी देखा जा सकता है। ऐसे में कांग्रेस ने पूरी तरह से कमर कस ली है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी अभी से पूरी तरह से एक्टिव दिख रही हैं। कृषि कानूनों के विरोध में प्रियंका ने आज मथुरा में किसान महापंचायत को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की बात नहीं मान रही है, अबतक आंदोलन में 215 किसानों की मौत हो चुका है, लेकिन सरकार उनकी मांग नहीं मान रही।

बता दें कि प्रियंका के इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता भी पूरी तरह से तैयार दिखे, महापंचायत के दौरान प्रियंका के साथ मंच पर कई बड़े कांग्रेस नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम के मद्देनजर कांग्रेस के बड़े और छोटे नेताओं और पदाधिकारी पहले से ही मथुरा पहुंचे।

प्रियंका ने कहा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाद्रा का मंगलवार को कांग्रेस पदाधिकारियों ने दिल्ली-नोएडा को जोडऩे वाले रास्ते डीएनडी पर भव्य स्वागत किया। प्रियंका गांधी वाद्रा डीएनडी के रास्ते मथुरा में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करने जा रही थीं। कांग्रेस कमेटी नोएडा महानगर के अध्यक्ष शहाबुद्दीन के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने प्रियंका गांधी वाद्रा का डीएनडी पर स्वागत किया।

10 लाख रुपये की आर्थिक मदद
इस बीच प्रियंका गांधी ने प्रयागराज के बसवार गांव में मल्लाहो के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई विरोध करते हुए उनकी आर्थिक मदद करने की घोषणा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, नदी के असली दावेदार एवं रक्षक निषाद समुदाय के लोग हैं। बंसवार, प्रयागराज में उप्र पुलिस के उत्पीडऩ के विरुद्ध और निषाद समाज के अधिकारों के लिए हम लड़ेंगे। कांग्रेस महासचिव पे कहा, कांग्रेस पार्टी जिन निषाद परिवारों की नाव तोड़ी गई है सबको संयुक्त रूप से 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद करेगी। उन्होंने कहा, कांग्रेस जन निषाद समुदाय के अधिकारों के लिए नदी अधिकार यात्रा निकालेंगे।

बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा किए जा रहे अवैध खनन
प्रियंका गांधी ने कहा, नदी के संसाधनों पर प्राथमिक हक निषादों का है इस विचार के साथ बालू खनन के लिए निषादराज कोपरेटिव सोसाइटी के गठन की मांग करते हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार बालू माफिया और बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा किए जा रहे अवैध खनन की जांच करे एवं श्वेत पत्र जारी कर बताए कि कहां पर किन-किन नदियों में खनन किया जा रहा है।