कोविड के चलते केंद्र ने करदाताओं को समयसीमा में दी छूट

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नई दिल्ली : कोविड-19 महामारी के चलते मौजूदा समय में करदाताओं को होने वाली परेशानियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने कई मामलों में समयसीमा बढ़ाई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आयकर एक्ट 1961 के सेक्शन 119 के तहत कई सारी छूट दी है। समूचा देश कोविड-19 की दूसरी लहर से बुरी तरह जूझ रहा है। गंभीर कोविड-19 महामारी और इस दौरान करदाताओं और टैक्स सलाहकारों और देशभर में दूसरे शेयरहोल्डर की अपील पर सरकरार ने शनिवार को कई सारे मामलों में करदाताओं को राहत देते हुए समयसीमा बढ़ा दी है।

इन विषयों की समयसीमा बढ़ाई
अधिनियम की धारा 144 सी के तहत रिजॉल्यूशन पैनल (डीआरपी) को खारिज करने के लिए आपत्ति, जिसे दाखिल करने की अंतिम तिथि 1 अप्रैल 2021 या फिर उसके बाद है, उसे 31 मई 2021 या फिर जो भी बाद में हो, उस समय के भीतर दायर किया जा सकता है।

अधिनियम की धारा 148 के तहत नोटिस के जवाब में आयकर रिटर्न, जिसके लिए उक्त नोटिस के तहत आय की वापसी की अंतिम तिथि 1 अप्रैल 2021 या उसके बाद है। उसे 31 मई 2021 या नोटिस के लिए दिए गए समय जो भी बाद हो, के भीतर दायर किया जा सकता है। इसके तहत आयकर आयुक्त से कहा गया है कि अध्याय XX के तहत जिसके दाखिल करने की अंतिम तिथि 1 अप्रैल 2021 या उसके बाद की थी उसे 31 मई 2021 तक दायर किया जा सकता है।

रिटर्न के लिए भी 31 मई तक छूट
वर्ष 2020-21 के लिए अधिनियम की धारा 139 की उप-धारा (4) और संशोधित धारा (5) के तहत संशोधित रिटर्न, जिसे 31 मार्च 2021 तक दायर किया जाना था उसे अब 31 मई 2021 तक दायर किया जा सकता है। धारा 194-आईए, धारा 194-आईबी और अधिनियम की धारा 194 एम के तहत काटे गए कर का भुगतान और ऐसे कर कटौती के लिए चालान-सह-विवरण दाखिल करना, जिन्हें 30 अप्रैल 2021 तक किया जाना आवश्यक है, आयकर नियम 1962 के नियम 30 के तहत 31 मई 2021 तक किया जा सकता है।

वहीं फॉर्म नंबर 61 में विवरण जिसमें फॉर्म नंबर 60 में प्राप्त घोषणाओं के विवरण जिसे 30 अप्रैल 2021 तक प्रस्तुत किया जाना है उसे 31 मई 2021 या उससे पहले किया जा सकता है।