चेकपॉइंट की रिपोर्ट: पिछले साल हैकर्स के निशाने पर सबसे ज्यादा हेल्थ ऑर्गनाइजेशन रहे

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टेक : बीते साल कोरोना वायरस का कहर दुनियाभर में टूटा था। ऐसे में हॉस्पिटल और हेल्थकेयर ऑर्गनाइजेशन ने इस महामारी से लड़ने पूरी ताकत लगा थी। हालांकि, हैकर्स के निशाने पर सबसे ज्यादा हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ही रहे। साइबर सिक्योरिटी फर्म चेकपॉइंट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में हेल्थकेयर सेक्टर पर होने वाले साइबर अटैक में 37% की बढ़ोतरी रही। वहीं, हर 10 सेकंड में एक ऑर्गनाइजेशन पर साइबर अटैक हुआ।

कंपनी ने अपनी 2021 सिक्योरिटी रिपोर्ट में कहा कि नवंबर और दिसंबर 2020 में दुनियाभर में हेल्थकेयर ऑर्गनाइजेशन को सबसे ज्यादा टारगेट किया गया। इस दौरान साइबर हमले में 45% की बढ़ोतरी देखने को मिली। इस दौरान दूसरे सेक्टर में भी साइबर अटैक में दोगुना बढ़ोतरी हुई।

अमेरिकी हेल्थकेयर इंडस्ट्री को किया टारगेट
चेकपॉइंच रिसर्च की रिपोर्ट से पता चलता है कि अक्टूबर में अमेरिकी हेल्थकेयर इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा टारगेट किया गया। सिंतबर की तुलना में अक्टूबर में 71% साइबर अटैक की बढ़ोतरी रही। हॉस्पिटल और हेल्थकेयर ऑर्गनाइजेशन को सबसे ज्यादा रैनसमवेयर का सामना करना पड़ा।

रैनसमवेयर के पीछे हैकर टेक्नीक है जिसे ‘डबल-एक्सटॉर्शन’ के रूप में जाना जाता है। साइबरक्रिमिनट ने मल्टी-स्टेज रैनसमवेयर अटैक किए थे। जिसमें पीड़ितों की डेटा चोरी करना और फाइलों के साथ छेड़छाड़ शामिल रही।

डेटा के बदले पैसे मांगे गए
रिपोर्ट में कहा गया है कि हैकर्स लोगों का डेटा चुराकर उसने उसकी कीमत मांगते हैं। यदि उन्हें पेमेंट नहीं दिया जाता तब वे डेटा को सार्वजनिक करने की धमकी देते हैं। ऐसे में हैकर्स की धमकी के बाद पीड़ित उन्हें पैसे देने को भी तैयार हो जाते हैं।

हर 10 सेकंड में हुआ साइबर अटैक
चेकपॉइंट ने बताया कि 2020 की तीसरी तिमाही में इन ऑर्गनाइजेशन के ऊपर डेटा चुराने और रैनसमवेयर का सबसे ज्यादा खतरा रहा। कंपनी के मुताबिक, दुनियाभर में हर नया ऑर्गनाइजेशन हर 10 सेकंड में रैनसमवेयर का शिकार होता है।