अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी के साथ काली पट्टी बांधकर पहुंचे कांग्रेस विधायक

Panchkula

hindustan1st news, हरियाणा : हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य अभिभाषण के जरिए सरकार का रोडमैप पेश करेंगे। वहीं, कांग्रेस ने सरकार के विरोध की पूरी रणनीति बना ली है। कांग्रेसी विधायक किसान आंदोलन और महंगाई के मुद्दे पर सरकार पर हल्ला बोलेंगे। प्रदर्शन को देखते हुए सचिवालय चौक पर भारी पुलिस बल तैनात है। विधायक काली पट्टी बांधकर पहुंचे। बजट सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं।

आज शुरू हुआ हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 12 दिन का होगा और इस बीच 5 दिन का अवकाश रहेगा। वहीं इस बार सत्र हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं और सत्‍ता पक्ष व विपक्ष के बीच टकराव के हालात भी बनेंगे। बजट सत्र के पहले दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव होना तय माना जा रहा है।

राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के बजट अभिभाषण के तुरंत बाद विपक्ष के नेता के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की तरफ से भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लेकर आने का दावा किया गया है। हुड्‌डा तीन कृषि कानूनों के विरोध और किसानों के समर्थन में यह अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं। नियमानुसार 18 विधायक एक साथ अगर यह प्रस्ताव लाते हैं तो विधानसभा अध्यक्ष को उसे स्वीकार कर चर्चा व मतदान के लिए समय तय करना होगा। इसकी जानकारी नेता प्रतिपक्ष व प्रस्ताव सदन में रखने वाले विधायकों को लिखित में देनी होगी।

विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार पर जमकर हमले करेंगे। दूसरी ओर, मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल और उपमुख्‍यमंत्री दुष्‍यंत चौटाला की जोड़ी हुड्डा के तीरों का जवाब देने को पूरी तरह तैयार है। भाजपा-जजपा गठबंधन द्वारा हुड्डा के अविश्‍वास प्रस्ताव को गिराने की तैयारी का दावा किया जा रहा है, लेकिन इस मुद्दे पर जमकर बहस होने के आसार हैं।

विपक्ष के हाथ से छीने कई मुद्दे

बजट सत्र की शुरुआत से पहले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विपक्ष के हाथ से कई बड़े मुद्दे छीन लिए हैं। प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में हरियाणा के युवाओं को 75 फीसदी रोजगार दिए की गारंटी, अदालत में विवादित भर्तियों की नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने, अवैध रूप से शराब की बिक्री व जहरीली शराब से हुई मौतों की जांच कमेटियों की रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए मुख्य सचिव विजयवर्धन के नेतृत्व में कमेटी का गठन ऐसे मुद्दे हैं, जिनका समाधान गठबंधन की सरकार पहले ही कर चुकी है।