फरीदाबाद : स्मार्ट रोड बन जाती, तो यूं ना बढ़ती सिरदर्दी

Faridabad

hindustan1st news, फरीदाबाद : स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत विकास कार्यों की धीमी चाल आमजन के लिए परेशानी बन गई है। अब जबकि प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और नीलम पुल भी बंद हो गया, तो बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। मुख्य रूप से बड़खल स्मार्ट रोड और सेक्टर-16 वाली रोड का निर्माण कार्य पिछले लंबे समय से चल रहा है, पर अधिकारी काम को जल्द खत्म करने की दिशा में उदासीन नजर आ रहे हैं। अब यही सड़कें प्रदूषण बढ़ाने के साथ-साथ जाम का सबब भी बन रही हैं।

ग्रेटर फरीदाबाद से जुड़ी हैं सड़कें

यह दोनों सड़कें ग्रेटर फरीदाबाद से सीधे रूप से जुड़ी हुई हैं और इन सड़कों से होकर ही आगे बड़खल, नीलम पुल व बाटा पुल, ओल्ड फरीदाबाद के अंडर पास से ट्रैफिक होकर निकलता है। ग्रेटर फरीदाबाद में 28 से अधिक सोसायटियों में एक लाख से अधिक लोग रहते हैं लेकिन यदि बात करें कनेक्टिविटी की तो अभी तक आमजन परेशान हैं। यहां रहने वाले अधिकतर लोग दिल्ली, ग्रेटर नोएडा व गुरुग्राम नौकरी करते हैं।

अब नीलम पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया है तो वाहन चालकों की सिरदर्दी और बढ़ गई है। इन पर दोहरी मार पड़ रही है। पहले जर्जर सड़कों के कारण जाम और फिर यहां से निकलने के बाद अंडरपास व पुल पर जाम में फंस रहे हैं। आने-जाने में अधिक समय लग रहा है और पेट्रोल व डीजल अधिक जल रहा है। अगर समय पर इन दोनों प्रमुख सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाता तो ट्रैफिक सुव्यवस्थित होता।

एक साल पहले शुरू हुआ था स्मार्ट रोड का काम

शहर की पहली स्मार्ट रोड का काम बड़खल चौक, राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर बाईपास तक चल रहा है। यहां जनवरी-2019 में काम शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक रोड भी पूरी तैयार नहीं हो सकी है। अभी कई महीने और लगेंगे। ऐसा ही हाल सेक्टर-16 वाली रोड का है। यह भी स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाई जा रही है।

स्मार्ट सिटी के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि दिसंबर तक निर्माण पूरा हो जाएगा। इस कारण से प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। चूंकि कहीं जर्जर है, तो काम चल रहा है, इसलिए यह प्रदूषण के स्तर को भी बढ़ा रही हैं। शनिवार को 384 तक पहुंच गया था। कुछ अड़चनों की वजह से दोनों प्रमुख रोड का काम पूरा होने में समय लग रहा है। अब तेजी से काम चल रहा है। हमारी कोशिश है कि ये काम दिसंबर तक पूरे कर लिए जाएं। रोड का काम पूरा होते ही वाहनों का आवागमन सुगम हो जाएगा। बाकी रोड किनारे अलग-अलग काम चलते रहेंगे।