हरियाणा सरकार ने दिखाई बेरुख़ी, तो केंद्र सरकार ने पहचानी प्रतिभा

Haryana Rohtak

  • सिस्टम का शिकार हुई दिहाड़ी करने वाली राष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी की मदद के लिए आगे आई केंद्र सरकार।
  • खेल मंत्री किरण रिजिजू ने 5 लाख देने की करी घोषणा
  • खिलाड़ी से करी करीब दो मिनिट बात।
  • वुशु खिलाड़ी ने कहा गरीबी के कारण गिरवी पड़ा घर वापिस लेना।
  • पिता ने कहा नही थी आर्थिक मदद की उम्मीद, सरकार को किया धन्यवाद।
  • अब शिक्षा मनरेगा में दिहाड़ी नही बल्कि वुशु की प्रैक्टिस के लिए जाती है अकेडमी।

hindustan1st news, रोहतक: सरकार और प्रसाशन की अनदेखी का शिकार हुई राष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी का दर्द केंद्र सरकार तक पहुँचा तो खेल मंत्री किरण रिजिजू ने तुरंत हरकत में आते हुए 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा कर दी। इससे पहले हरियाणा सरकार की खेल नीति को लेकर मीडिया में लगातार हो रही प्रसाशन ओर सरकार किरकिरी को देखते हुए केंद्र सरकार आगे आई है। खेल मंत्री किरण रिजिजू ने वुशु खिलाड़ी से करीब दो मिनिट तक बात की ओर 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की जानकारी दी। इन पैसों से शिक्षा अपना गिरवी पड़ा घर लेगी ओर पिता को तोहफा देगी। शिक्षा ने खेल मंत्री का धन्यवाद भी किया।वही पिता को कभी उम्मीद ही नही थी कि कोई उनकी इस तरह से सहायता भी करेगा।

ये वही शिक्षा है जो कभी हरियाणा सरकार की अनदेखी और सिस्टम का शिकार होकर भुखमरी के चलते मनरेगा ओर खेत मे दिहाड़ी करने पर मजबूर हुई थी। अब शिक्षा दिहाड़ी करने नही बल्कि वुशु की प्रैक्टिस के लिए एकेडमी में जाति है। हरियाणा सरकार की खेल नीति को लेकर लगातार मीडिया में हो रही किरकिरी के चलते अब केंद्र सरकार आगे आई है।खेल मंत्री किरण रिजिजू ने राष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी शिक्षा को पांच लाख रुपए देने की घोषणा कर दी है।आर्थिक मदद होने से शिक्षा अब अपने खेल पर ध्यान दे रही है और करीब 7 महीने बाद एक बार फिर से वुशु की प्रैक्टिस के लिए एकेडमी जाने लगी है। शिक्षा इन पैसों से गिरवी पड़ा घर वापिस लेना चाहती है माता पिता को तोहफे में देना चाहती है। शिक्षा की आर्थिक मदद होने से शिक्षा बेहद खुश है और सरकार का धन्यवाद देना चाहती है।

खेल मंत्री किरण रिजिजू ने शिक्षा से फोन पर करीब दो मिनिट तक बात की। शिक्षा के अनुसार किरण रिजिजू ने शिक्षा से केवल एक ही सवाल किया कि वो इन पैसों का क्या करेगी तो शिक्षा का जवाब था “सबसे पहले इन पैसों से गिरवी पड़ा घर वापिस लेना है”बस किरण रिजिजू ने वुशु खिलाड़ी को 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा कर दी। वही दूसरी ओर शिक्षा के माता-पिता को भरोसा ही नही हुआ कि कोई इस तरह से उनकी मदद कर सकता है। शिक्षा के पिता ने कहा कि गरिबी के चलते उनका घर गिरवी पड़ा था जैसे तैसे मजदूरी कर आधा घर वापिस भी लिया लेकिन अब आधा गिरवी पड़ा घर वापिस नही ले सकते थे।लेकिन अब शिक्षा ने उम्मीद जग दी।

आप को बता दे कि तंग हालातो के चलते शिक्षा के पिता का गांव में करीब 100 गज का मकान है। जो कभी गिरवी रखा था लेकिन आधा मकान दिन रात दिहाड़ी मजदूरी कर वापिस ले लिया लेकिन आधा अभी बाकी पड़ा है। इसी टूटे फूटे मकान में तीन परिवार रहते है,हालात ये है कि शिक्षा के पिता घर मे जगह न होने के कारण चौपाल में ही सोते है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी शिक्षा ढेरो मैडल लेने के बाद भी मनरेगा ओर खेत मे दिहाड़ी करें पर मजबूर थी लेकिन मीडिया में चली लगातार खबर के बात केंद्र सरकार हरकत में आई और 5 लाख रुपए की आर्थिक पकेज की घोषणा की।