साइबर धोखाधडी व जालसाझो से बचने के लिए साइबर प्रबंधक ने पत्रकार वार्ता कर दी जानकारी

Rewari

hindustan1st news, रेवाड़ी : पुलिस लाइन स्थित साइबर थाना प्रबंधक इंस्पेक्टर ऋषिकांत ने साइबर मामलों में जागरूकता के लिए पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। जिसमे थाना प्रबंधक ने मीडिया के माध्यम से आम जन को साइबर जालसाझो से बचने के लिए जानकारी दी । थाना प्रबंधक ने कहा कि पुलिस महानिदेशक हरियाणा के आदेशानुसार पुलिस महानिरीक्षक दक्षिण मंडल रेवाड़ी विकास अरोड़ा के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी कि अध्यक्षता में रेवाड़ी जिले में साइबर थाना शुरू किया गया है।

उन्होंने बताया कि साइबर फ्रॉड के मामलों से निपटने के लिए उनकी टीम द्वारा लगातार कार्रवाई कर रही है और अभी तक 3 एफआईआर दर्ज की गई है जिनमें अनुसंधान जारी है। जल्द ही इन मामलों में खुलासा कर दिया जाएगा। थाना प्रबंधक ने कहा कि साइबर फ्रॉड के मामलों की बड़ी वजह यह है कि हम किसी न किसी माध्यम से अपने खातों से संबंधित जानकारी शेयर कर देते हैं।

बैंक कभी भी फोन पर किसी ग्राहक से खाता, एटीएम और ओटीपी से संबंधित जानकारियां नहीं मांगता। यदि फिर भी किसी का फोन आता है तो उसे खुद ही बैंक में आने की बात कहें। थाना प्रबंधक ने कहा कि मोबाइल पर आए हुए किसी भी संदिग्ध मैसेज, ईनाम, लॉटरी के साथ आने वाले क्यूआर कोड को बिल्कुल भी क्लिक नहीं करें। इन पर क्लिक करते ही इंटरनेट के जरिए खाता से संबंधित अथवा फोन हैकिंग के माध्यम से जानकारी शातिर तक पहुंच जाती है।

अब यही ट्रेंड चल रहा है कि किसी परिचित का नाम लेकर पैसे भेजने का झांसा देकर कयूआर कोड या लिंक भेज देते हैं जिस पर क्लिक करते ही अकाउंट की डिटेल्स चली जाती है। उन्होंने कहा कि अपना ओटीपी दो से तीन माह के अंतराल बदलते रहे हैं और कभी सामान्य पासवर्ड जैसे वाहन नंबर, जन्मतिथि या बच्चे की जन्मतिथि से संबंधित पासवर्ड नहीं बनाएं। पासवर्ड हमेशा कैपिटल लेटर के साथ उसमें एल्फाबेटिक नंबरों का इस्तेमाल करें।

सर्चिंग से मिलने वाले कस्टमर केयर पर नहीं करें विश्वास

थाना प्रभारी ने बताया कि कई मामलों में सामने आया है कि गूगल अथवा अन्य सर्चिंग इंजन से कस्टमर केयर या अन्य किसी हेल्पलाइन के नंबर सर्च करके डायल किए थे। कस्टमर केयर अथवा हेल्पलाइन के नंबर संबंधित कंपनी की बुकलेट या एटीएम कार्ड पर दिए हुए नंबरों पर विश्वास करें। अन्य माध्यमों से मिलने वाले नंबरों पर कतई विश्वास नहीं करें। कोई भी बैकिंग गेट-वे केवाईसी अपडेट नहीं कराती है, इसलिए इस तरह की भ्रामक कॉल पर विश्वास नहीं करें।

सोशल मीडिया अकाउंट लॉग आउट अवश्य करें

उन्होंने बताया कि हम अपने सोशल मीडिया के अकाउंट को हमेशा लॉग-इन रखते हैं यह गलत है। यूज नहीं होने पर उसे लॉग आउट कर दें और अपनी प्रोफाइल के लिए लॉक आप्शन अवश्य चुने। इससे कोई भी अनजान व्यक्ति आपकी जानकारी नहीं ले सकता है। इसके भी पासवर्ड समय पर बदलने के साथ मजबूत बनाएं।

चलेगा जागरूकता अभियान

थाना प्रभारी ने बताया कि साइबर फ्रॉड के मामलों में बचाव के लिए सबसे जरूरी है जागरूकता और सतर्कता बरतना। हम जानकारी नहीं देंगे तो ठगी नहीं हो सकती है। उन्होंने बताया सोशल मीडिया के दुरुपयोग और महिलाएं की सुरक्षा को लेकर जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। कॉलेज और स्कूलों के बच्चों को इनके प्रति जागरूक किया जाएगा।