नॉर्थ कोरिया टोक्यो ओलिंपिक से हटा, भारत को होगा फायदा

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खेल : नाॅर्थ कोरिया 23 जुलाई से 8 अगस्त तक होने वाले टोक्यो ओलिंपिक से हट गया है। नॉर्थ कोरिया ने अपने खिलाड़ियों को कोरोना के खतरे से बचाने के लिए यह फैसला किया है। 1988 सिओल गेम्स के बाद यह पहली बार है, जब नॉर्थ कोरिया ओलिंपिक में नहीं खेलेगा। नॉर्थ कोरिया के हटने का फायदा भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू को होगा। इससे उनके टोक्यो गेम्स में मेडल जीतने की उम्मीद बढ़ गई है। पूर्व वर्ल्ड चैंपियन चानू 49 किग्रा वेट कैटेगरी की टोक्यो गेम्स क्वालिफाइंग रैंकिंग में 3869.8038 अंक के साथ चौथे नंबर पर हैं।

चानू चौथे नंबर पर थीं, जबकि नॉर्थ कोरिया की री सोंग तीसरे नंबर पर
चानू की प्रतिद्वंद्वी नॉर्थ कोरिया की री सोंग गम 4209.4909 के साथ तीसरे नंबर पर हैं। सोंग ने 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में 204 किलो वजन उठाकर ब्रॉन्ज जीता था। चानू 201 किलो वजन उठाकर चौथे पर थीं। ऐसे में उत्तर कोरिया के हटने से चानू को फायदा होगा। मौजूदा क्वालिफाइंग रैंकिंग में टॉप-5 में चीन की तीन खिलाड़ी हैं। हाेउ झीहुई (4703.1982) पहले, वर्ल्ड चैंपियन और वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर जियांग हुईहुआ (4667.8878) दूसरे और झेंग रोंग (3837.8294) पांचवें नंबर पर हैं। ओलिंपिक में इन तीन खिलाड़ियों में से एक ही हिस्सा ले सकेगी क्योंकि नियम के अनुसार, एक वेट कैटेगरी में एक देश एक ही खिलाड़ी को उतार सकता है।

चानू इस वेट कैटेगरी की दूसरी बेस्ट खिलाड़ी बन जाएंगी
ऐसे में चानू इस वेट कैटेगरी में दूसरी बेस्ट खिलाड़ी बन जाएंगी, क्योंकि नॉर्थ कोरिया की खिलाड़ी उतरेंगी ही नहीं। कुल वजन उठाने की बात की जाए तो चानू (201 किलो) से ज्यादा वजन सिर्फ हुईहुआ (212 किलो), झीहुई (211 किलो) और सोंग (209 किलो) ही उठा सकी हैं। अन्य देशों की खिलाड़ी चानू से काफी पीछे हैं। अगर इसी वजन को पैमाना माना जाए तो चीन की सिर्फ एक खिलाड़ी उतरेगी और नॉर्थ कोरिया की सोंग खेलेंगी नहीं, ऐसे में चानू के सिल्वर जीतने की उम्मीद बढ़ सकती है। 26 साल की चानू 16 से 25 अप्रैल तक उज्बेकिस्तान में एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी।

हालांकि, भारतीय कोच विजय शर्मा ने कहा, ‘हमारा ध्यान चीन से प्रतिस्पर्धा करने पर है। व्यक्तिगत प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगले हफ्ते एशियन चैंपियनशिप में हम अपना बेस्ट प्रदर्शन करेंगे।’