दिल्ली में 26 जनवरी से पहले लगे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे, एक्शन में दिल्ली पुलिस

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नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में जब पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने की खबर आई तो दिल्ली पुलिस की टेंशन बढ़ गई। पहले से ही गणतंत्र दिवस समारोह और किसान ट्रैक्टर परेड की सुरक्षा व्यवस्थाओं में व्यस्त पुलिस के लिए ये खबर परेशान करने देने वाली थी। दिल्ली के खान मार्केट के पास बीती रात करीब 1 बजे पीसीआर को पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने की खबर मिली।

पुलिस को मिली सूचना के अनुसार खान मार्केट मेट्रो स्टेशन के पास कुछ युवकों को पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए देखा गया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। यहां उन्होंने दो युवकों, तीन युवतियों और एक किशोर से मामले के बारे में पूछताछ शुरू कर दी।

इन लोगों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि ये लोग इंडिया गेट देखने आए थे। यहां पर इन्होंने सैर के लिए यूलू बाइक किराए पर ली थी और रेस लगाने लगे। इस दौरान इन्होंने एक खेला, जिसमें एक दूसरे के नाम इन्होंने देशों के नाम पर रख दिए। इनमें से एक का नाम पाकिस्तान भी रखा गया।

जब रेस शुरू हुई तो जिसका नाम पाकिस्तान के नाम पर रखा था उसका हौंसला बढ़ाने के लिए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए। यहां मौजूद अन्य लोगों ने जब पाकिस्तान जिंदाबाद का सोलगन सुना तो पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इन लोगों से पूछताछ की। इसके बाद इनके परिजनों से बात की गई। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।

चप्पे-चप्पे पर होगी पुलिस की नजर
बता दें कि 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह के चलते दिल्ली पुलिस पहले से ही अलर्ट पर है। लुटियन दिल्ली में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। वहीं समारोह के लिए इंडिया गेट समेत कई स्थानों को सजाया गया है, ऐसे में लोग इनको देखने के लिए आ रहे हैं। इसी दौरान ये घटना घटी है। 72वें गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने परेड के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए और सीमाओं पर प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च के दौरान शहर और उसके आसपास पांच लेयर का सुरक्षा कवच खड़ा किया है।

डीसीपी (नई दिल्ली) और पीआरओ ईश सिंघल ने कहा कि परेड और पुरस्कार समारोह के लिए राजपथ पर 6,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। पुलिस के सूत्रों ने कहा कि 40,000 से अधिक पुलिस, ITBP और CRPF के जवानों को सिंघू, टिकरी और गाजीपुर सीमा पर तैनात किया जाएगा। बता दें कि कोरोना प्रोटोकॉल के बाद, केवल 25,000 लोगों को राजपथ पर परेड देखने की अनुमति दी जाएगी, क्योंकि हर साल परेड में शामिल होने वाले एक लाख दर्शकों के विपरीत। आम जनता के लिए टिकट इस साल 4,500 तक सीमित कर दिए गए हैं।