पलवल: महामारी के चलते रक्षा बंधन के त्यौहार पर छाई मायूसी

Haryana Palwal

hindustan1st news,पलवल (Gurudutta Garg): कोरोना महामारी के चलते रक्षा बंधन जैसे त्यौहार पर मायूसी छाई हुई है। भाइयों को राखी बांधने वाली बहनों का कहना है की एक तरफ जहां कोरोना के चलते राखी महंगी हो गयी है। वहीं आने जाने के समुचित साधन न होने के चलते भाइयों को राखी बाँधने जाने में भी काफी कठिनाई होगी। उनका कहना है की पिछले वर्षों की तुलना में अबकी बार त्यौहार पर बहुत सारी समस्याएं उनके सामने है। वहीं राखी विक्रेता मार्किट के दुकानदारों का कहना है कि कोविड 19 का असर अबकी बार रक्षा बंधन जैसे त्यौहार पर बहुत ज्यादा पड़ा है और कोई इक्का दुक्का ग्राहक ही दुकानों पर आ रहा है।

कोरोना के प्रकोप के चलते बाजारों में कोई रौनक नहीं है। बाजार पूरी तरह सुने पड़े है। भाई बहन के बंधन के प्रतीक रक्षा बंधन के त्यौहार पर जहां एक तरफ बाजारों में पूरी तरह मायूसी छाई हुई है। वहीं भाई बहन के इस पवित्र रिश्ते में कोरोना के चलते त्यौहार मनाने में आ रही समस्याओं से बहनें भी अपने भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध पा रही है। पलवल निवासी कुसुम गिरी ने बताया की वो हर बार रक्षाबंधन पर भाइयों को राखी बाँधने जाती थी लेकिन अबकी बार कोरोना के चलते वो नहीं जा पा रही है।

साथ ही उन्होंने बताया की अबकी बार राखी की कीमतों में भी इजाफा काफी इजाफा हुआ। पिछले साल जो राखी 40-50 रुपये की आती थी अबकी बार वोही राखी 60-70 रुपये की आ रही है जिसका बजट पर बहुत असर पद रहा है। उन्होंने बताया की उन्होंने भी अपने भाइयों के लिए डाक के द्वारा राखी भेजी है। वहीं एक अन्य महिला साधना ने बताया की अबकी बार राखी का त्यौहार पूरी तरह फीका है लेकिन रस्में तो निभानी पड़ती है उन्होंने कहा की उनका मायका उत्तरप्रदेश में है वहां आने जाने में पूरी दिक्क्त है ट्रैन बंद है और अगर बाइक से जाये तो पुलिस के पकड़ने का, चालान कटने का डर है। दूसरी तरफ राखियां भी महंगी है।

वहीं राखी बेचने वाले दुकानदार प्रवीण ने बताया की उनके पास हर तरह की राखियां है लेकिन कोरोना के चलते बाजार पूरी तरह खाली पड़े हुए है ग्राहक खरीददारी करने के लिए नहीं आ रहे है। उन्होंने बताया की पिछले वर्षों की तुलना में राखी जैसे त्यौहार पर बिलकुल भी बिक्री नहीं है कोई इक्का दुक्का ग्राहक आ रहा है। उन्होंने बताया की उनके पास पांच रुपये से लेकर 150 रुपये तक की राखी है लेकिन कोरोना के चलते ग्राहक खरीददारी के लिए नहीं आ रहे है।