रोहतक: कोरोना वैक्सीन ट्रायल का पहला फेज सफलतापूर्वक संपन्न

Haryana Rohtak

  • 375 वॉलिंटियर को वैक्सीन देने का काम पूरा
  • नहीं हुआ किसी भी वॉलिंटियर में साइड इफेक्ट
  • अकेले पंडित बीडी शर्मा पीजीआइएमएस में दी गई 79 वॉलिंटियर को वैक्सीन

hindustan1st news,रोहतक(devender sharma): डॉक्टरों में उत्साह, आंकड़ों का कर रहे हैं इंतजार, इसके बाद होगा वैक्सीन ट्रायल का दूसरा फेज शुरू कोरोना संक्रमण को खत्म करने के लिए देश में बन रही वैक्सीन के ट्रायल का आज प्रथम चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है । इस पेज में कुल 375 वालंटियर को वैक्सीन देनी थी यह आंकड़ा राष्ट्रीय स्तर पर डॉक्टरों की टीम ने हासिल कर लिया है। डॉक्टर इस उपलब्धि से खुश हैं कि अभी तक किसी भी वॉलिंटियर में कोई भी साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिला है ।इस सफलता के बाद को वैक्सीन ट्रायल टीम दूसरे फेज के तैयारी में जुट गई है।

पंडित बीडी शर्मा पीजीआइएमएस के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की प्रोफेसर और को वैक्सीन ट्रायल टीम की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉक्टर सविता वर्मा ने उत्साह पूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि को वैक्सीन ट्रायल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 13 संस्थानों में 375 वॉलिंटियर को वैक्सीन देने का लक्ष्य रखा गया था। जो पूरा हो गया है। इसमें अकेले पंडित बीडी शर्मा पीजीआइएमएस में 79 वालंटियर को वैक्सीन दी गई। जिस में खुशी की बात यह रही कि किसी भी वॉलिंटियर को वैक्सीन का कोई भी साइड इफेक्ट दिखाई नहीं दिया है । उन्होंने बताया की अब तक के मिले परिणामों से उनका हौसला बुलंद हुआ है, कि यह वैक्सीन कोरोना वैक्सीन के निवारण के लिए कारगर साबित होगी । उन्होंने कहा कि यह भी खुशी की बात है कि पंडित बीडी शर्मा पीजीआइएमएस के एंट्रो गैस्ट्रोलॉजी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ प्रवीण मल्होत्रा भी संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए काले पीलिया की दवा पर अनुसंधान कर रहे हैं । अगर यह दोनों अनुसंधान सफल हो जाते हैं तो निश्चित तौर पर वह कह सकती हैं कि भारत से ही नहीं, पूरे विश्व में कोरोना का नामो निशान मिट जाएगा ।

वही को वैक्सीन ट्रायल टीम के को इन्वेस्टिगेटर डॉ रमेश वर्मा ने को वैक्सीन ट्रायल टीम की सहायता करने वाले सभी सहयोगियों और वॉलिंटियर का धन्यवाद किया है जिन्होंने इस अनुसंधान में डॉक्टरों की टीम का सहयोग किया है ।उन्होंने कहा कि अब तक के मिले परिणामों से उनका हौसला बढ़ा है। अब वह है सेकंड फेस के लिए वॉलिंटियर से अपना रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील कर रहे हैं। अब तक 18 से 55 वर्ष की आयु के लोगों को जो स्वस्थ हैं उनको शामिल किया गया था । लेकिन अब दूसरे दौर के ट्रायल में 16 वर्ष से लेकर और 65 वर्ष के लोगों को शामिल किया जाएगा जो किसी भी बीमारी से पीड़ित ना है।