फर्जी फर्जी ये प्रमाण पत्र फर्जी हैं : संदीप बोहरा

Rewari

hindustan1st news,धारुहेड़ा : ये हम नहींकह रहे ये दावा है संदीप बोहरा का और जाँच रिपोर्ट भी इसी ओर ईशारा कर रही है आज Sec-3 रेवाड़ी में धारुहेड़ा चैयरमैन फ़र्ज़ी प्रमाण पत्र के बारे में संदीप बोहरा द्वारा प्रेस कांफ्रेंस करके फ़ाइनल जाँच रिपोर्ट आने के बाद के बाद उपविजेता रहे संदीप बोहरा ने मीडिया से रूबरू होकर बताया की मेरे द्वारा लगाये गए सभी आरोप जाँच रिपोर्ट के आने के बाद सत्य और सही साबित हो गये है। मैंने जो भी फ़र्ज़ी प्रमाण पत्र को लेकर दावा किया था वो अब सारा धारुहेड़ा की आम जनता के सामने है कि कौन सच बोल रहा था और कौन फ़र्ज़ी को असली बोलकर धारुहेड़ा की भोली-भाली जनता की आँखो में धूल झोकने का काम कर रहा था।

रेवाड़ी का एक तथाकथित नेता माननीय मुख्यमंत्री जी को बिना सच से अवगत करवाये, अंधेरे में रखकर अपने नक़ली नम्बर बनाने के चक्कर में फ़र्ज़ी और नक़ली सर्टिफ़िकेट वाले उम्मीदवार को माननीय मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष जी से मिलवाना पार्टी के हित में क़तई नहीं था। अब जबकि जाँच रिपोर्ट में सब कुछ साफ़ हो गया है और उम्मीदवार के प्रमाण नक़ली और फ़र्ज़ी साबित हो गए है। तब भी ये तथाकथित नेता पार्टी की छवि ख़राब करने पर तूला हुआ है और अनाप-सनाप बयानबाज़ी करता रहता है। इसीलिए पार्टी को ऐसे लोगों पर पार्टी की छवि ख़राब करने और मुख्यमंत्री जी व प्रदेश अध्यक्ष जी को अंधेरे में रखकर गुमराह करके ग़लत काम करने की कोशिश कर रहा है। इसलिए ऐसे इंसान पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए। इस तथाकथित नेता ने विधानसभा के इलेक्शन में भी पार्टी को नुक़सान पहुँचाने का काम किया था और अब फिर से उसी तरह की कार्यशैली पर काम कर रहा है जो पार्टी हित में क़तई नहीं है। पार्टी व अधिकारियों को गुमराह करके उन पर बार बार ग़लत काम करवाने के लिए दबाव बनवा रहा है।

मैं सरकार इलेक्शन कमीशन और उपायुक्त महोदय से अपील करता हूँ कि ऐसे फ़र्ज़ी और नक़ली डॉक्युमेंट्स पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए और आपराधिक केस दर्ज करके जल्दी से जल्दी अयोग्य करार देना चाहिए। सारा चुनावी खर्चा भी वसूल करना चाहिए। ताकि चुनावी सिस्टम व लोकतंत्र के साथ व जनता के साथ खिलवाड़ करने वाले को सबक़ मिल सके। ऐसे उम्मीदवार को शपत किसी के दबाव में आकर नहीं दी जानी चाहिए। क़ानून का मज़ाक़ ना बने इसके लिए तय समय में न्याय होना जनता और क़ानून के हित में है। मैं उम्मीद करता हूँ माननीय मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष व इलेक्शन कमीशन जल्दी ऐसे उम्मीदवार को अयोग्य करार करके जनता के मन में सच का विश्वास पैदा करेंगे। पार्षदो को शपथ दिलवाने में कही कोई आपत्ति नहीं है।