कोरोना की दूसरी लहर : आपकी खांसी के ये 5 संकेत कोविड-19 के लक्षण हो सकते हैं

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नई दिल्ली : देश में कोरोना संक्रमण का रिकॉर्ड टूटना जारी है। मौत का आंकड़ा भी भयावह तस्वीर पेश कर रहा है। इसलिए जरूरी है कि जरा भी आशंका है तो अपने लक्षणों को पहचानें, फॉरन जांच करवाएं और फिर डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक इलाज करवाएं। मंगलवार को देश में कोरोना के 2,95,041 नए मामले सामने आए और 2,023 लोगों ने इस बीमारी की वजह से अपना दम तोड़ दिया। ऐसी स्थिति में हम आपको यहां पर खांसी और उसके साथ के वो 5 लक्षण बता रहे हैं, जो कोविड-19 से संक्रमित होने के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देर किए टेस्ट और इलाज करवाने में ही भलाई है।

आपको सूखी खांसी है
सूखी खांसी कोरोना मरीजों में पहली लहर के समय से एक प्रमुख लक्षण के तौर पर देखी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोविड के 59 से 82 फीसदी मरीजों को शुरू में सूखी खांसी रहती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और चीन ने पिछले साल फरवरी में ही एक साझा स्टडी की थी, जिसमें पाया गया था कि 68 फीसदी मरीजों में सूखी खांसी के लक्षण मौजूद थे। स्टडी में शामिल 55 हजार कंफर्म केस में यह दूसरा सबसे सामान्य लक्षण पाया गया था। सूखी खांसी का मतलब खांसी तो होती है, लेकिन उसमें मुंह से बलगम या कफ जैसा कुछ भी नहीं निकलता। आमतौर पर खांसने पर जो कफ निकलता है, वह कॉमन कोल्ड या फ्लू का लक्षण हो सकता है। हालांकि, सूखी खांसी एलर्जी की वजह से भी हो सकती है। इसलिए दूसरे लक्षणों को भी देखना जरूरी है और बेहतर है कि डॉक्टर से संपर्क किया जाए या फिर कोविड टेस्ट कराई जाए।

लगातार खांसी हो रही है
अगर आपको खांसी है और वह लगातार हो रही है तो यह कोरोना वायरस का बहुत बड़ा लक्षण हो सकता है। इसके साथ बुखार भी आया सकता है। लगातार खांसने से मरीज की आवाज में बदलाव महसूस होने लगती है, क्योंकि कफ की वजह से हवा के रास्ते में लगातार परिवर्तन होने लगता है। ऐसी स्थिति में देर ना करें और फौरन डॉक्टर से सलाह लें और अपनी जांच करवाएं।

खांसी के साथ अगर सांस लेने में दिक्कत हो रही है
अगर खांसी और बुखार के बाद सांस लेने में दिक्कत होने लगी है तो यह कोरोना वायरस इंफेक्शन का बहुत ही बड़ा संकेत है। अगर ऐसा होता है तो इसका मतलब है कि आपके रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ा है, जिसके चलते सांस में रुकावट आ रही है। यह लक्षण आपके कोविड से संक्रमित होने का हो सकता है। कोविड के 40 फीसदी मरीज सांस लेने में परेशानी की शिकायत करते देखे गए हैं। कोरोना की दूसरी लहर में तो यह सबसे बड़ा लक्षण बनकर उभरा है। दूसरी लहर में देश के अस्पतालों में भर्ती 47.5% मरीजों में यह परेशानी देखने को मिल रही है। पहली लहर में ऐसे सिर्फ 41.7% केस ही सामने आ रहे थे। इस लक्षण का एक मतलब ये भी है कि संक्रमण हुए कई दिन बीच चुके हैं। कई लोगों में तो काफी देर से यह लक्षण दिखाई पड़ती है। ऐसे लक्षण के बाद फौरन डॉक्टर के संपर्क में जाना जरूरी है।

आपके गले में खराश है
गले में खराश होना भी कोरोना का एक लक्षण हो सकता है। हालांकि, यह लक्षण इसबार कम देखी जा रही है। वायरस की वजह से नाक और गले की में ब्रेन में सूजन आ सकती है, जिससे गले में खराश शुरू हो जाती है। इससे गले में दर्द की शिकायत भी हो सकती है। कोविड के केस में जिन मरीजों को खराश और गले में दर्द दोनों के लक्षण होते हैं, उसे फैरिन्जाइटिस कहते हैं। ऐसे मरीजों को इसके अलावा सूखी खांसी, बुखार और थकावट भी हो सकती है, जो कि कॉमन कोल्ड और फ्लू में नहीं होती। ऐसा है तो बिना देर किए टेस्ट करवाइए और डॉक्टर की सलाह लीजिए।

आपकी सूंघने की शक्ति चली गई है!
सामान्य सर्दी और फ्लू में नाक बंद होने की समस्या बहुत ही परेशानी पैदा करती है। लेकिन, अगर आपको खांसी हो रही है और आपने अचानक सूंघने की शक्ति भी खो दी है या यह बहुत कम हो गई है तो यह कोविड-19 का संकेत हो सकता है। कोरोना वायरस से संक्रमित करीब 41 फीसदी मरीजों में यह लक्षण देखा गया है। हो सकता है कि मरीज की तबीयत ज्यादा खराब ना भी हो, लेकिन पॉजिटिव होने वाले लोगों में बिना खांसी के भी ऐसे लक्षण देखने को मिलते हैं। यानी अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो देर मत कीजिए, टेस्ट करवाइए और डॉक्टर से सलाह लीजिए।