सपा : CM योगी नफरत की अंताक्षरी छोड़कर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर ध्‍यान दें

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लखनऊ : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नफरत की अंताक्षरी छोड़कर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर ध्यान देने का अनुरोध किया।

सपा ने योगी आदित्यनाथ पर लगाया ये आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह है कि वह कुछ दिनों के लिए नफरत की अंताक्षरी छोड़कर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर ध्यान दें। चौधरी ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति दिन प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है लेकिन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के कानून व्यवस्था की चिंता छोड़कर सियासत करने में मशगूल हैं। उल्लेखनीय है कि हैदराबाद नगर निकाय चुनाव में भाजपा के प्रचार अभियान के दौरान मुख्यमंत्री ने हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर किए जाने की बात कही थी।

हैदराबाद निकाय के चुनाव प्रचार के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पर कुशासन और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। योगी ने कहा कि मतदाताओं को एक दिसंबर को होने वाले हैदराबाद निकाय चुनाव के दौरान यह दिखा देना चाहिए कि वे ‘लूट’ की छूट नहीं देंगे।

हैदराबाद का नाम बदलकर फिर से होगा भाग्यनगर- योगी
उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में फैजाबाद और इलाहाबाद क्रमश: अयोध्या और प्रयागराज हो सकते हैं तो हैदराबाद भी दोबारा ‘भाग्यनगर’ हो सकता है। एक दिसंबर को होने वाले चुनाव से पहले शुक्रवार रात को भाजपा की प्रचार अभियान बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि 12 करोड़ किसानों के खाते में पहुंच सकती है तो केसी राव की सरकार ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के खातों में पैसे क्यों नहीं भेजे?’ योगी ने आरोप लगाया कि यदि ‘टीआरएस और एआईएमआईएम’ का गठबंधन निकाय चुनाव में जीत हासिल करता है तो जनता को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पाएंगी।