यमुनानगर: रेल ट्रैक, नेशनल, स्टेट और इंटर स्टेट हाईवे जाम

Yamuna Nagar

hindustan1st news, यमुनानगर : कृषि से जुड़े अध्यादेशों के खिलाफ शुक्रवार को किसान सड़क से लेकर रेलवे ट्रैक पर उतर गए। कैल कलानौर बाईपास के बीच पड़ने वाली रेलवे लाइन पर किसान चढ़ूनी गुट के भाकियू नेताओं के नेतृत्व में बैठे। वहीं रादौर के त्रिवेणी चौक पर यमुनानगर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे भाकियू के मान गुट के किसान नेताओें ने रोका और बिलासपुर में जगाधरी बिलासपुर रोड किसान सभा ने जाम किया। रेलवे ट्रैक और रादौर में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक किसान बैठे रहे जबकि बिलासपुर में दो घंटे रोड जाम रखा।

वहीं यूपी में शाहजहांपुर में यूपी के किसान नेशनल हाईवे जाम कर बैठे रहे। इसका असर यमुनानगर में दिखा। पंचकूला-रुड़की हाईवे पर जाम लग गया। यहां पर ट्रैफिक डायवर्ट करनी पड़ी। कोरोना महामारी के बीच चंद ट्रेनें ही चल रही है और पंजाब में पहले से किसान रेलवे ट्रैक पर कब्जा किए बैठे हैं। इससे यमुनानगर में रेलवे ट्रैक पर किसानों के बैठने से लोगों को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। लेकिन यमुनानगर-कुरुक्षेत्र रोड और जगाधरी-बिलासपुर रोड जाम करने से लोगों को काफी परेशानी हुई।

पुलिस को व्यवस्था संभालने में पसीने आ गए। इसके साथ ही यूपी में नेशनल हाइवे बंद होने से यमुनानगर की तरफ जाम लगा रहा। इससे भी लोग परेशान रहे। उधर, भारत बंद का ऐलान बेअसर रहा। शहर से लेकर कस्बे तक में बाजार खुला रहा। हालांकि बिलासपुर में अखिल भारतीय किसान सभा बाजार में दुकानें बंद कराने की अपील करने पहुंची। लेकिन उनके जाने के बाद सभी दुकानदारों ने दुकानें खोल ली थी। उधर, रादौर और रेलवे ट्रैक पर बैठे किसानों के बीच एसपी कमलदीप गोयल व्यवस्था जांचने पहुंचे। उन्होंने पुलिस कर्मियों को दिशा निर्देश दिए। ट्रैक जाम कर रहे किसानों को समर्थन देने कांग्रेसी नेता बृजपाल छप्पर पहुंचे। रादौर में मौजूदा विधायक बीएल सैनी और बिलासपुर में पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी पहुंचे। इन तीनों जगह कांग्रेस का समर्थन रहा।

बाइक खड़ी करने पर विवाद, आरपीएफ कर्मियों को पीछे हटना पड़ा| रेलवे लाइन पर सैकड़ों किसान सुबह 10 बजे ही बैठ गए थे। इस पर किसान भारतीय किसान यूनियन के रंग में रंगी बाइक भी लेकर आए थे। किसानों ने उसे भी रेलवे ट्रैक पर खड़ा कर दिया। जब आरपीएफ कर्मियों ने उसे हटवाने की कोशिश की तो किसान विरोध में उतर आए। इससे अधिकारियों को पीछे हटना पड़ा। किसानों ने कई बार ऐलान किया कि वे रोड भी जाम कर सकते हैं। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी भी पहुंचे और उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती। भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदियाना और हरपाल सुढल ने कहा कि सरकार जो अध्यादेश लेकर आई है वह किसानों को बर्बाद कर देंगे। इससे किसान हित में आंदोलन चल रहा है। 27 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर पर मीटिंग होगी। इसके बाद आगे के आंदोलन का फैसला होगा।

बिलासपुर में बाजार बंद कराने उतरी किसान सभा ने रोड किया जाम| बिलासपुर में अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों, मजदूरों ने बिलासपुर में रोष मार्च निकाला। उन्होंने दुकानदारों से भारत बंद की अपील की। यहां पर बिलासपुर जगाधरी रोड पर किसानों ने जाम भी लगाया। पुलिस ने जाम न लगाने के लिए किसानों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं माने। प्रदेश अध्यक्ष गुरभजन सिंह ने वरिष्ठ किसान नेता धर्मपाल सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को बर्बाद करने वाला बिल किसी भी हालत में मंजूर नहीं किया जाएगा। इसमें आढ़ती एसोसिएशन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, कांग्रेस पार्टी व उपमंडल के किसान व विभिन्न ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी, युवा कांग्रेस नेता साजिद खान, आढ़ती यूनियन के प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने भी भाग लिया।

रादौर में कांग्रेसी विधायक और मंडी एसोसिएशन प्रधान ने दिया समर्थन

भारतीय किसान यूनियन से जुड़े सैकड़ों किसानों ने भारत बंद को लेकर रादौर के त्रिवेणी चौक पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जाम लगाकर रोष प्रकट किया। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप नगला और जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में किसानों ने 6 घंटे रोड जाम रखा। किसानों के जाम को लेकर रादौर में बुबका चौक और त्रिवेणी चौक पर पुलिस बल तैनात किया गया था। वाहनों को दूसरे रास्तों से आगे भेजा गया। एसपी कमलदीप गोयल ने त्रिवेणी चौक का दौरा किया। एसडीएम सुशील कुमार, डीएसपी रणधीर सिंह और इंस्पेक्टर पूर्णसिंह मंढान मौके पर रहे। रादौर विधायक डॉ. बिशनलाल सैनी और जिला अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान शिवकुमार संधाला ने समर्थन दिया। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहरलाल व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का पुतला जलाकर सरकार विरोधी नारेबाजी की।